आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से मुक्ति: योगी

Freedom means freedom from anarchy, backwardness, poverty, illiteracy and inequality: Yogi

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Lucknow, 16 Aug, 2026 02:28 AM
आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से मुक्ति: योगी

मुख्यमंत्री ने सरकारी आवास पर फहराया तिरंगा, देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने का किया आह्वान

कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद

लखनऊ, 15 अगस्त 2026 (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए बलिदान देने वाले रणबांकुरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से भी पूर्ण मुक्ति है। आजादी के 79 वर्ष पूरे होने और 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमें समारोह तक सीमित रहने के बजाय संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो किसी एक व्यक्ति, जाति या संप्रदाय को नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में समान रूप से योगदान देना होगा।

विदेशी दासता से मुक्ति ही था रणबांकुरों का ध्येय

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में भारत को स्वाधीनता मिली। यह स्वतंत्र वातावरण भारत माता के महान सपूतों और बलिदानियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देश ने गुलामी को कभी मन-मस्तिष्क से स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर का उल्लेख करते हुए मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल सहित स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में हर भारतवासी के मन में एक ही संकल्प था कि देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।

बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग हुए मुक्त

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में देश के सामने मौजूद अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी अनेक समस्याओं का पिछले आठ दशकों में समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम है कि देश में बहुआयामी गरीबी से 25 करोड़ लोग मुक्त हुए हैं। शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है और आमजन के जीवन को सहज एवं सरल बनाने के लिए किए जा रहे बदलावों के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।

देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहें

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि अराजकता, असमानता और अशिक्षा पर विजय प्राप्त करने के लिए देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं और पिछले 12 वर्षों में इन वर्गों को ध्यान में रखते हुए अनेक कार्य हुए हैं।

उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने का काम हुआ है। मिशन रोजगार के साथ युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करने के लिए नए प्लेटफॉर्म और संस्थान विकसित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और एम्स की नई श्रृंखला विकसित हुई है। रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ी है तथा मेट्रो और रैपिड रेल जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।

हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जब देश को यशस्वी नेतृत्व मिलता है और सामूहिक शक्ति एक स्वर में आगे बढ़ती है तो उसके परिणाम सामने आते हैं।

उन्होंने महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह और छत्रपति शिवाजी महाराज सहित स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि चौरीचौरा और काकोरी ट्रेन एक्शन जैसे संघर्षों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन की लौ को जीवंत बनाए रखा।

बलिदानी जवानों और क्रांतिकारियों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित राष्ट्रनायकों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले क्रांतिकारियों तथा स्वतंत्र भारत में देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था स्थापित करने तथा अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए अपना बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों एवं कार्मिकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में योगदान दे तो स्वाधीनता की यात्रा अनंत काल तक और अधिक यशस्वी ढंग से आगे बढ़ती रहेगी।

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