खाद्य प्रतिष्ठानों में लाइसेंस से लेकर तापमान रिकॉर्ड तक रखना होगा दुरुस्त

Food establishments must maintain proper licensing and temperature records.

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Lucknow, 3 Oct, 2026 05:30 PM
खाद्य प्रतिष्ठानों में लाइसेंस से लेकर तापमान रिकॉर्ड तक रखना होगा दुरुस्त

एफएसएसएआई लाइसेंस, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड और ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ क्यूआर कोड अनिवार्य

लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026 (आईपीएन)। प्रदेश में उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश ने खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण चेक प्वाइंट जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में लाइसेंस एवं पंजीकरण से लेकर परिसर की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण, उपकरणों की सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण और अभिलेखों के रखरखाव तक निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य होगा।

खाद्य कारोबारियों को कारोबार की प्रकृति के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्राप्त करना होगा। प्रतिष्ठान में उचित स्थान पर खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड प्रदर्शित करना भी अनिवार्य होगा। उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ का क्यूआर कोड प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाएगा।

स्वच्छ परिसर और सुरक्षित खाद्य तैयारी पर जोर

खाद्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त स्थान, वेंटिलेशन और प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। खिड़कियों एवं दरवाजों पर कीटों के प्रवेश को रोकने वाली जाली लगी हो। फर्श, दीवार, छत, वाश एरिया और खाद्य तैयारी क्षेत्र टूटी-फूटी अवस्था में नहीं होने चाहिए। किचन में समुचित जल निकासी और हाथ धोने की सुविधा सुनिश्चित करनी होगी।

खाद्य संपर्क में आने वाले उपकरण और बर्तन जंगरोधी तथा आसानी से साफ किए जा सकने वाले होने चाहिए। घर ले जाने और घर पहुंचाने वाली पैकेजिंग खाद्य-ग्रेड की हो तथा उस पर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य का चिह्न स्पष्ट रूप से अंकित हो।

कच्चे माल की खरीद के समय उसकी गुणवत्ता, समाप्ति तिथि, क्षति, रिसाव और संदूषण की जांच करनी होगी। शाकाहारी और मांसाहारी कच्चे माल को अलग-अलग रखना होगा।

तापमान नियंत्रण में लापरवाही नहीं

तापमान नियंत्रित खाद्य पदार्थों के परिवहन, भंडारण और प्राप्ति के दौरान निर्धारित तापमान बनाए रखना अनिवार्य होगा। रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीजर का तापमान प्रदर्शित करने के साथ उसका रिकॉर्ड भी रखना होगा।

जमे हुए खाद्य पदार्थों को माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तथा ठंडी अवस्था वाले खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर रखना होगा।

पके भोजन को दोबारा उपयोग से पहले 74 डिग्री सेल्सियस तक गर्म कर कम से कम चार मिनट की अवधि में सुरक्षित रूप से पुनः गर्म करना होगा। कच्चे, पके, अर्द्ध-पके और तैयार-खाने योग्य खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखना होगा।

सफाई और पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड जरूरी

किचन प्लेटफॉर्म, उपकरण, बर्तन और खाद्य-संपर्क सतहों की नियमित सफाई के लिए कार्यक्रम बनाना होगा। डिटर्जेंट, कीटाणुनाशक और फर्श साफ करने वाले रसायनों को खाद्य तैयारी क्षेत्र में नहीं रखा जाएगा।

पीने योग्य पानी का उपयोग, जल टैंक और आरओ इकाई की नियमित सफाई तथा उसका रिकॉर्ड रखना होगा। नियमित पेस्ट कंट्रोल कराने के साथ उसका प्रमाण और अभिलेख भी सुरक्षित रखना होगा।

खाद्य अपशिष्ट को अलग कर ढक्कनयुक्त कूड़ेदान में डालना होगा। किचन में कूड़े का ढेर नहीं लगने दिया जाएगा।

खाद्य तेल की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी। तेल में हानिकारक तत्वों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होने से पहले उसे बदलना होगा। इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का निस्तारण एफएसएसएआई द्वारा अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करना अनिवार्य होगा।

खाद्य कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता भी जरूरी

भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को बाल ढकने का जाल, दस्ताने और एप्रन पहनना होगा। संक्रामक अथवा त्वचा रोग से पीड़ित व्यक्ति को खाद्य कार्य से दूर रखना होगा। खाद्य तैयारी क्षेत्र में अनावश्यक आभूषण अथवा ऐसी वस्तुएं नहीं रखी जाएंगी, जिनसे भौतिक, रासायनिक या जैविक खतरा उत्पन्न हो।

मेन्यू कार्ड में इस्तेमाल खाद्य तेल का उल्लेख करना होगा। प्रतिबंधित रंग, रसायन और तरल नाइट्रोजन के इस्तेमाल पर रोक होगी। केंद्रीय लाइसेंस अथवा 10 या अधिक प्रतिष्ठानों वाले कारोबारियों के लिए मेन्यू कार्ड अनिवार्य होगा।

पैक्ड खाद्य पदार्थों और मेन्यू में शाकाहारी/मांसाहारी चिह्न के साथ अनुमत योजक, कृत्रिम मिठास, कृत्रिम रंग और एलर्जी उत्पन्न करने वाले घटकों की जानकारी देनी होगी।

गंभीर उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस

समाप्ति तिथि पार कर चुके कच्चे माल या पैक्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों का एक साथ भंडारण, कच्चे और तैयार भोजन के बीच संदूषण, सड़ा या दूषित भोजन, असुरक्षित तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण, अवरुद्ध जल निकासी, कूड़े का जमाव, दूषित पानी का इस्तेमाल, कीटों का प्रकोप और रासायनिक संदूषण जैसी स्थितियों को गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है।

खाद्य कारोबारियों को खरीद अभिलेख, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण, तापमान रजिस्टर, पानी एवं तेल की जांच रिपोर्ट, सफाई कार्यक्रम, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड, खाद्य कर्मियों के चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखने होंगे।

विभाग का उद्देश्य सख्त निगरानी और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन के माध्यम से प्रदेश के उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाना है।

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