परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी ने विपक्ष को बनाया कूप मंडूप : योगी आदित्यनाथ

Family Development Authority has turned the opposition into a cocoon : Yogi Adityanath

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Lucknow, 14 Aug, 2025 05:01 PM
परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी ने विपक्ष को बनाया कूप मंडूप : योगी आदित्यनाथ

- विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री ने गिनाईं अपने साढ़े आठ साल की उपलब्धियां

- 1947 से 2017 तक निरंतर बिगड़ती यूपी की दशा के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को निशाने पर लिया

- बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ ही समावेशी विकास का मंत्र : मुख्यमंत्री 

- नीतिगत उदासीनता का शिकार होकर बीमारू राज्य बन गया था यूपी : योगी आदित्यनाथ 

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अपनी सामर्थ्य और शक्ति का परिचय दुनिया को दे रहा भारत : सीएम योगी

- 2017 से पहले भ्रष्टाचार, भेदभाव और भाई-भतीजावाद ने यूपी को जकड़ रखा था : मुख्यमंत्री

लखनऊ, 14 अगस्त 2025, (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने 1947 से 2017 तक विपक्षी दलों के शासनकाल की तुलना अपनी सरकार के 2017 से 2025 तक के कार्यकाल से की और विपक्ष पर परिवारवादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के 'पीडीए' नारे को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' करार देते हुए उनकी सीमित सोच पर तंज कसा।

बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ ही समावेशी विकास का मंत्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समावेशी और समग्र विकास को उत्तर प्रदेश और भारत के विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा, "हर विधानसभा क्षेत्र में विकास होना चाहिए और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के सभी तक पहुंचना चाहिए। समावेशी विकास ही 'विकसित यूपी' और 'विकसित भारत' की संकल्पना को साकार कर सकता है।" उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी चर्चा में विकास कम और सत्ता की चाहत ज्यादा दिखती है।

विपक्ष को बतायाा 'कूप मंडूप'

मुख्यमंत्री ने चार्वाक का उदाहरण देते हुए विपक्ष को उनकी परिवारवादी सोच के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आप केवल अपने परिवार तक सीमित हैं। आपका 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' का दृष्टिकोण स्वामी विवेकानंद के 'कूप मंडूप' दर्शन को चरितार्थ करता है। दुनिया प्रतिस्पर्धा के रास्ते पर आगे बढ़ रही है, लेकिन आप अभी भी परिवार तक सीमित हैं।

बीमारू राज्य और नीतिगत उदासीनता का शिकार हो गया था यूपी

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अतीत की कड़वी सच्चाई को सामने रखते हुए कहा कि 1960 के बाद से राज्य लगातार गिरावट की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि विशाल सामर्थ्य, उपजाऊ भूमि, नदियां और श्रमशक्ति होने के बावजूद नीतिगत उदासीनता के कारण यूपी 1980 के दशक के बाद देश का सबसे बीमारू राज्य बन गया। योजनाएं बनती थीं, घोषणाएं होती थीं, लेकिन न इच्छाशक्ति थी और न ही क्रियान्वयन का संकल्प। उन्होंने उस दौर की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिलता था, किसानों को राहत नहीं थी और निवेशकों में भरोसे की कमी थी। अपराध और अराजकता का बोलबाला था। पलायन, गरीबी, इन्सेफलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से होने वाली मौतें, भ्रष्टाचार, भेदभाव और भाई-भतीजावाद ने यूपी को जकड़ रखा था।

2017 के बाद यूपी का हुआ कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद डबल इंजन सरकार के तहत हुए बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद कानून का राज स्थापित हुआ। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया और यूपी निवेशकों के लिए ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया। योजनाओं का क्रियान्वयन बिना भेदभाव और तुष्टिकरण के हो रहा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज यूपी की पहचान सुशासन से है। बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकार की सकारात्मक सोच ने यूपी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

आर्थिक प्रगति के आंकड़ों के जरिए पेश की यूपी की नई तस्वीर

मुख्यमंत्री ने यूपी की आर्थिक प्रगति के प्रभावशाली आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 2016-17 में यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये थी, जो इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। राष्ट्रीय जीडीपी में यूपी का योगदान 8 फीसदी से बढ़कर 9.5 फीसदी हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। निर्यात 84 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये हो गया है और राज्य का बजट 3 लाख करोड़ से बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। नीति आयोग के फिसिकल हेल्थ इंडेक्स में 8.9 अंकों का सुधार दर्ज किया गया है। डिजिटल लेनदेन 122 करोड़ रुपये से बढ़कर 1400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर है।

भारत अपनी सामर्थ्य और शक्ति का परिचय दुनिया को दे रहा

मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 1947 में भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन 1980 तक यह 11वें स्थान पर खिसक गया। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने प्रगति की और 2017 में सातवें, 2024 में पांचवें और 2025 में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आपने छठी अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान तक पहुंचा दिया था, लेकिन आज भारत अपनी सामर्थ्य और शक्ति का परिचय दुनिया को दे रहा है।

देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व करने वाला राज्य बन रहा यूपी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में देश की 16 फीसदी आबादी निवास करती है, लेकिन 2016-17 तक राष्ट्रीय जीडीपी में उसकी हिस्सेदारी 14 फीसदी से घटकर 8 फीसदी रह गई थी। प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की तुलना में एक तिहाई रह गई थी। लेकिन 2017 के बाद यूपी ने कोविड महामारी के बावजूद राष्ट्रीय औसत से बेहतर आर्थिक विकास दर हासिल की। मुख्यमंत्री ने यूपी को विकास और सुशासन का मॉडल बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि यूपी अब केवल भारत का एक हिस्सा भर नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व करने वाला राज्य बन रहा है। निवेशकों का भरोसा, युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं यूपी की नई पहचान हैं। उन्होंने सदन से अपील की कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए एकजुट होकर काम करें, ताकि यूपी और भारत के विकास का सपना साकार हो सके।

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