उपमुख्यमंत्री केशव ने कहा : गुरु गोविंद सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत, अब प्रत्येक वर्ष 30 मार्च को दिया जायेगा 'गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार'

Deputy Chief Minister Keshav said: There is a need to imbibe the ideals of Guru Govind Singh, now 'Guru Govind Singh National Unity Award' will be given every year on 30 March

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Lucknow, 30 Mar, 2025 07:09 PM
उपमुख्यमंत्री केशव ने कहा : गुरु गोविंद सिंह के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत, अब प्रत्येक वर्ष 30 मार्च को दिया जायेगा 'गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार'

लखनऊ, 30 मार्च 2025 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक व प्रेरणादायक  है। हम सबको गुरु गोविंद सिंह के आदर्शों का न केवल अनुसरण व अनुकरण करना चाहिए, बल्कि उन्हे आत्मसात करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक वर्ष 30 मार्च को गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जायेगा। कहा कि हम सबको राष्ट्र व समाज की सेवा के लिए अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। राष्ट्र व समाज के प्रति हमारा समर्पण भाव स्पष्ट झलकना चाहिए। केशव रविवार को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग पर आयोजित गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

समस्त देश व प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि व नव सम्वत्सर की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए  उन्होंने जहां राष्ट्रीय एकता व अखंडता के लिए गुरु गोविंद सिंह के त्याग व बलिदान की चर्चा की, वहीं उनके जीवन दर्शन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला, यही नहीं, उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि सबको सजग व सावधान रहते हुए देश की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना है। कहा कि देश की एकता व अखंडता की पहरेदारी करना हम सबकी जिम्मेदारी  है। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार वितरित किये। उप मुख्यमंत्री ने लखनऊ की कीर्ति सिंह व सरदार परविन्दर सिंह, तथा अम्बेडकरनगर नगर के धर्मवीर सिंह बग्गा को प्रशस्ति पत्र व एक लाख रुपए का पुरूस्कार प्रदान किया।

राष्ट्रीय एकीकरण विभाग द्वारा बताया गया है कि राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के अन्तर्गत राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय इत्यादि के क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश में निवासरत महानुभाव को गुरु गोविन्द सिंह राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जाता है।

वर्ष 2023 में प्रश्नगत पुरस्कार हेतु सरदार परविन्दर सिंह, जनपद-लखनऊ का चयन किया गया। इनके द्वारा गरीब एवं शोषित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, अल्पसंख्यक समुदाय के मध्य स‌द्भाव,, सी०ए०ए०/ए० आर०सी के विरोध में शान्ति स्थापित कराना, इत्यादि सर्वोत्कृष्ट कार्य किया गया है। वर्ष 2024 में  पुरस्कार हेतु धर्मवीर सिंह बग्गा, जनपद-अम्बेडकरनगर का चयन किया गया। इनके द्वारा पिछले 20 वर्षों से 1000 से अधिक कन्यादान की सेवा,लावारिस कोविड की लाशों का अन्तिम संस्कार, कोविड के समय 5 लाख लीटर होम सेनिटाइजर तथा 1 लाख शीशी हैंड सेनिटाइजर, 5 हजार मास्क की फ्री सेवा, 08 वर्षों से लंगर की सेवा, सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र व सामाज की सेवा में समर्पित, कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य सामाजिक अपराध को रोकने इत्यादि सर्वोत्कृष्ट कार्य किया गया है। वर्ष 2025 में पुरस्कार हेतु कीर्ति सिंह, जनपद-लखनऊ का चयन किया गया। इनके द्वारा निःशुल्क रक्तदान/निःशुल्क, चिकित्सा शिविर/लावारिस शवों का अंतिम संस्कार/पर्यावरण संरक्षण/विधिक परामर्श शिविर इत्यादि आयोजित कर मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रादायिक स‌द्भाव के प्रति जागरुकता प्रदान किये जाने का सर्वोत्कृष्ट कार्य किया गया। इन तीनों महानुभावों को उप मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु थे। उन्होंने न केवल सिख समाज को संगठित किया, बल्कि पूरी मानवता के लिए सत्य, धर्म और न्याय का मार्ग प्रशस्त किया। वे एक महान योद्धा, कवि, विचारक और आध्यात्मिक नेता थे, जिन्होंने अपने जीवन को मानवता की सेवा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष के लिए समर्पित किया। गुरु गोबिंद सिंह न केवल सिख धर्म के महान गुरु थे, बल्कि वे पूरे राष्ट्र के लिए एक आदर्श थे। उन्होंने निडरता, समानता और न्याय के जो सिद्धांत स्थापित किए, वे आज भी हमें राष्ट्र भक्ति के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी शिक्षाएँ हमें सिखाती हैं कि हम सत्य और न्याय के मार्ग पर अडिग रहें और समाज में एकता, प्रेम और स‌द्भाव बनाए रखें।

श्री मौर्य ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात  का उल्लेख करते हुए कहा योग को हम सबको अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की चर्चा करते हुए कहा कि इस बार योग दिवस की थीम "एक पृथ्वी- एक स्वास्थ्य के लिए योग" रखी गयी है। हम योग के माध्यम से पूरी दुनिया को स्वस्थ बनाना चाहते हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना में विश्वास रखता है। विश्व को परिवार समझकर थाइलैंड व म्यांमार में आपदाकाल में सबसे पहले भारत सहायता लेकर पहुंचा। भारत ने आत्मनिर्भरता की ओर तेजी कदम आगे बढ़ाये हैं। मोदी नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा हैं। देश में आतंकवाद व नक्सलवाद अन्तिम सांसें ले रहा है। उन्होने कहा कि हमारी सेनायें देश की रक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से मोर्चे पर खड़ी हैं, लेकिन हम सभी देशवासी भी सैनिक की भूमिका में रहें, हमेशा सजग व सतर्क रहें, हमारी एकता व अखंडता को खण्डित करने वाला कोई तत्व अगर हमारे आसपास नजर आये, तो हमें अपने देश व समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उचित कदम उठाने चाहिए। उचित प्लेटफॉर्म पर सूचना देना चाहिए।

कहा कि उत्तर प्रदेश हर प्रकार से समृद्ध व सशक्त हो रहा है, राष्ट्रीय एकता के बल पर ही हम इतने बड़े महाकुंभ का आयोजन करने में हम सफल रहे।

इस अवसर पर सिख समाज की ओर से उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया 

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