डिप्टी सीएम केशव बोले : विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलेगी
Deputy CM Keshav said: Developed India - G Ramji Act will change the picture of rural India
IPN Live
Lucknow, 7 Jan, 2026 03:30 AM कानपुर, (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत- जी राम जी के माध्यम से विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गांव का रोड मैप तैयार किया गया है। इस अधिनियम में ग्रामीण श्रमिको को रोजगार की गारंटी पहले की अपेक्षा 25 दिन बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। गांव की गलियां ग्रामीणों का हाईवे है और इन गलियों को हाइवे की तरह से बनाया जाएगा। विकास पैरामीटर के हिसाब से ग्राम पंचायतो का निर्धारण ए, बी एवं सी कैटेगरी में किया जाएगा,जिससे समस्त गांवों को विकास के समान अवसर प्राप्त होंगे। गांवो के विकास की बेहतर प्लानिंग के लिए पीएम गति शक्ति एवं अन्य आईटी टूल्स जैसे जी आइ एस का उपयोग किया जायेगा। इसमे जाब कार्ड तीन साल के लिए बनाया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे बनाये गये इस अधिनियम से देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने मे यह एक्ट बहुत प्रभावी रहेगा और गांवो का आधारभूत ढांचा बहुत मजबूत और सुदृढ़ होगा। केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर नगर में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम से गांव विकसित होंगे, श्रमिकों को काम के साथ सम्मान भी मिलेगा।सामाजिक सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित होगा।गांवो का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा, उससे विकसित भारत का सपना पूरा होगा।यह विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए स्थाई और महत्वपूर्ण कदम है।यह अधिनियम ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा।देश के संसाधनों पर डकैती डालने वाले लोगो के मंसूबे अब पूरे होने वाले नहीं है।पहले मजदूर और ग्रामीण लोग पलायन कर जाते थे, इससे अब गांव में स्थाई रूप से उनको काम मिलेगा।देश में श्रमिकों और किसानों के हित में लिए गए इस अधिनियम का सकारात्मक रूप स्वागत किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं आधुनिक बनाने की दिशा में विकसित भारत- जी राम जी महत्वपूर्ण अधिनियम है। इसमे अब कोई एन0जी0ओ0 काम नही करेगे। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी इस अधिनियम के तहत कार्य कराए जाने की व्यवस्था की गई है।मनरेगा में जो कर्मचारी पहले से कम कर रहे है, उनको इस अधिनियम में हटाया नहीं जाएगा। इसमे श्रमिको के पारिश्रमिक के साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था की गयी है। पहले स्कूलों मे केवल बाउन्ड्रीवाल ही बनवा सकते थे, अब किचेन शेड, लैबोरेट्री भी बनवाने के लिए अनुमन्य किया गया है। इसमे बायोमेट्रिक जी आइ एस मोबाइल एप और फेस रीडिंग जैसी डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा।विकसित भारत बनाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है।

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