बैंक अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति बनाने की मांग
Demand for formation of district level committee to investigate false complaints against bank officials
IPN Live
Lucknow, 12 Aug, 2026 02:41 AMलखनऊ, (IPN)। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के प्रदेश सचिव लक्ष्मण सिंह ने बैंक अधिकारियों के विरुद्ध उनके आधिकारिक कार्यों, ऋण वसूली और SARFAESI कार्रवाई से संबंधित आपराधिक शिकायतों की प्रारंभिक जांच के लिए प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, बैंक अधिकारी निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ऋण वसूली की कार्रवाई करते हैं। कई मामलों में अधिकारियों पर दबाव बनाने या वसूली प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। ऐसी शिकायतों के चलते बैंक अधिकारियों को पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है, जिसका असर ऋण वसूली की प्रक्रिया पर भी पड़ता है।
वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव
AIBOC ने प्रत्येक जिले में प्रस्तावित जांच समिति में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को शामिल करने का सुझाव दिया है।
समिति द्वारा शिकायत की प्रथम दृष्टया जांच कर यह निर्धारित किया जा सकता है कि शिकायत वास्तव में किसी आपराधिक कृत्य से संबंधित है या फिर बैंक की वैधानिक वसूली कार्रवाई को रोकने अथवा प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है।
वास्तविक शिकायतों की जांच में बाधा न हो
AIBOC ने कहा कि वास्तविक शिकायतों की जांच में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए, लेकिन निराधार और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के माध्यम से बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न को रोकना भी आवश्यक है। संगठन का कहना है कि इससे बैंक अधिकारियों को अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में मदद मिलेगी और ऋण वसूली, वित्तीय अनुशासन तथा बैंकिंग व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।
यूनाइटेड फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि AIBOC के प्रदेश सचिव लक्ष्मण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन, प्रमुख सचिव गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, एसएलबीसी तथा महानिदेशक संस्थागत वित्त विभाग को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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