डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली ढाल: डॉ. राजेश्वर सिंह

Cyber ​​security is the first shield of national security in the digital age: Dr. Rajeshwar Singh

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Lucknow, 4 Nov, 2026 03:42 AM
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली ढाल: डॉ. राजेश्वर सिंह

साइबर हमलों और डिजिटल धोखाधड़ी पर जताई चिंता, साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

सरोजनीनगर के 44 विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड, 18 आरबीएस केंद्रों से निःशुल्क प्रशिक्षण; 1,250 से अधिक युवाओं को मिला डिजिटल कौशल प्रशिक्षण

लखनऊ, 4 नवंबर 2026 (आईपीएन)। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बढ़ते साइबर हमलों और डिजिटल धोखाधड़ी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए डिजिटल साक्षरता को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया है। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल देश की सीमाओं पर नहीं लड़े जा रहे, बल्कि डिजिटल नेटवर्क, बैंकिंग व्यवस्था और आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा भी निशाने पर है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की डिजिटल सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

डॉ. सिंह ने हालिया 60 हजार करोड़ रुपये की कथित क्रिप्टो चोरी और एम्स दिल्ली सहित देश में हुए साइबर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों की गंभीरता को दर्शाती हैं। तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। इसलिए डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करने के साथ उनकी सुरक्षा की जानकारी होना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चे स्मार्टफोन चलाना तो सीख रहे हैं, लेकिन उन्हें डिजिटल सुरक्षा की समझ देना भी उतना ही आवश्यक है। डिजिटल रूप से जागरूक बच्चा केवल तकनीक का उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि अपने परिवार और समाज की सुरक्षा में योगदान देने वाला जिम्मेदार नागरिक बन सकता है।

### सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

सरोजनीनगर में डिजिटल सशक्तिकरण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि क्षेत्र के 44 विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 18 आरबीएस डिजिटल एम्पावरमेंट केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क सेवाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 1,250 से अधिक युवाओं को डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्रत्येक बच्चे तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग, साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता की पहुंच सुनिश्चित करना है। डिजिटल शिक्षा को केवल तकनीक सीखने तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसमें ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी की पहचान और डिजिटल लेन-देन में सतर्कता को भी शामिल करना होगा।

### साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि डिजिटल साक्षरता केवल शिक्षा नीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा दायित्व है। साइबर खतरों से बचाव के लिए बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित समाज के हर वर्ग को जागरूक करना होगा। उन्होंने डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि संकल्प है कि सरोजनीनगर, उत्तर प्रदेश और देश का कोई भी नागरिक डिजिटल रूप से असुरक्षित न रहे।

**साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।**

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