CM YOGI ने कहा: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ‘नए भारत के नए उ0प्र0’ की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाली होगी
CM YOGI said: Global Investors Summit will give flight to the aspirations of 'New India, New Uttar Pradesh'
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Lucknow, 29 Sep, 2022 11:22 PMलखनऊ, 29 सितम्बर 2022 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में फरवरी, 2023 में प्रस्तावित यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के आयोजन के रोडमैप के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाली होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश, देश में औद्योगिक निवेश के ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में उभर कर आया है। उत्तर प्रदेश, देश की 06वीं अर्थव्यवस्था से दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आगामी 10, 11 और 12 फरवरी, 2023 को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। यह तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक होगी। साथ ही, यह समिट नए ‘उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को उड़ान’ देने वाली होगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पार्टनर कण्ट्री के रूप में अपनी सहभागिता के लिए सिंगापुर, फ्रांस, यू0के0 और मॉरीशस ने स्वतःस्फूर्त से प्रस्ताव भेजा है। इसी प्रकार, नीदरलैण्ड्स, कनाडा, यू0एस0ए0, जापान, इजरायल, स्वीडन, थाईलैण्ड के राजदूतों/उच्चायुक्तों से भी संवाद बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की ब्राण्डिंग का शानदार मंच होगी। दुनियाभर के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने के लिए समिट के पहले विभिन्न देशों में रोड शो आयोजित करने की तैयारी की जाए। रोड शो आयोजन में फिक्की और सी0आई0आई0 जैसे औद्योगिक संगठनों का सहयोग लिया जाए। इन देशों के औद्योगिक संगठनों से भी संवाद किया जाए। रोड शो के माध्यम से विभिन्न देशों के औद्योगिक जगत में उत्तर प्रदेश के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सकेगा। रोड शो के लिए देशों और शहरों का चयन करते हुए विस्तृत रूट तय कर लिया जाए। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय रोड शो में मंत्रीगण उत्तर प्रदेश के ब्राण्ड एम्बेसडर के रूप में जाएंगे। रोड शो का रूट तय करते हुए सम्बन्धित देश से जिस सेक्टर में निवेश सम्भावित हो, उस सेक्टर के विशेषज्ञों को टीम में शामिल किया जाए। मंत्रीगण के नेतृत्व में जाने वाले समूह का निर्धारण जल्द कर लिया जाए। रोड शो भव्य हो, प्रदेश के बेहतरीन औद्योगिक माहौल के साथ-साथ अपनी संस्कृति की भी ब्राण्डिंग की जाए। अन्तर्राष्ट्रीय रोड शो के साथ-साथ दिल्ली अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में भी रोड शो आयोजित किए जाएं। इस सम्बन्ध में आवश्यक तैयारी समय से पूरी कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ने अपनी औद्योगिक निवेश नीतियों को व्यावहारिक बनाया है। प्रदेश हित का ध्यान रखते हुए औद्योगिक जगत से संवाद करते हुए नीतिगत सुधारों का क्रम सतत जारी रखा जाए। प्रदेश की नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के साथ-साथ ईवी, टॉय, टेक्सटाइल, फार्मा, स्टार्ट-अप, डेटा सेण्टर, ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी सहित 30 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी को इन्वेस्टर्स समिट से पहले तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। नीतियां तैयार करते समय यह ध्यान रखा जाए कि पॉलिसी के प्रावधान व्यावहारिक, रोजगारपरक और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने वाले हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है। समिट से पहले लैण्ड बैंक को और विस्तार देना होगा, ताकि जो भी निवेशक यहां आएं, उन्हें निवेश के लिए भूमि की कोई समस्या न हो। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। जी0आई0एस0-2023 के सफल आयोजन के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जाएं। सभी सम्बन्धित विभाग युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दें। भारत सरकार से संवाद बनाकर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करें। प्रदेश में निवेश कर रहीं औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा कर बिना विलम्ब यथोचित समाधान किया जाए।

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