विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत विकसित पंचायत से : केशव प्रसाद मौर्य

Building a developed India begins with a developed Panchayat: Keshav Prasad Maurya

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Lucknow, 13 Aug, 2026 07:56 PM
विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत विकसित पंचायत से : केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज में पंच सम्मेलन में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और सहभागी ग्रामीण विकास पर हुआ मंथन

उपमुख्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी से संबंधित संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का किया विमोचन

2047 से पहले सभी ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य

प्रयागराज, 13 अगस्त 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत विकसित पंचायत से होगी। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर ही ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 से पहले प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत के रूप में तैयार करना है।

उपमुख्यमंत्री गुरुवार को प्रयागराज स्थित राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित ‘पंच सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) से संबंधित संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फाफामऊ की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

ग्राम पंचायतों को योजना और विकास का केंद्र बनाने पर जोर

सम्मेलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना और वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को सुदृढ़ करना रहा।

ग्राम प्रधानों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से सहभागी एवं साक्ष्य आधारित योजना निर्माण, विभिन्न योजनाओं के बेहतर अभिसरण, ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही और अधिनियम के परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत अब केवल कार्य करने वाली संस्था नहीं, बल्कि योजना क्रियान्वयन और विकास का केंद्र है। पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास की योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।

समस्याएं लिखित रूप में दें ग्राम प्रधान

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का शुभारंभ 1 जुलाई 2026 को हुआ है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत जिस अनुपात में काम होना चाहिए, उसके लिए अभी और श्रमशक्ति को ग्राम सभाओं के विकास से जोड़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि योजना में लीकेज की संभावना नहीं है। कार्यक्रम में मौजूद ग्राम प्रधानों और अन्य संबंधित लोगों से योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि समस्याएं लिखित रूप में दी जा सकती हैं और उनके शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण विकास के लिए बजट की कमी नहीं

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का उद्देश्य गांवों का सर्वांगीण विकास करना है और इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पात्र लोगों को आवास सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमृत सरोवरों की साफ-सफाई कराने और वहां कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। ग्राम प्रधानों से विकास कार्यों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को भी कहा।

उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग योजनाओं में सुनिश्चित किया जा रहा है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

पंचायतों के समन्वित विकास पर जोर

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत—तीनों इकाइयों को मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है और निर्धारित समय के अनुसार शहरों एवं गांवों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने प्रदेश में सड़कों, ओवरब्रिज, रेल उपरगामी पुल, गंगा एक्सप्रेसवे और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज में कनेक्टिविटी और विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज का स्वरूप बदला है, उसी प्रकार प्रत्येक गांव की स्थिति में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने वर्ष 2047 से पहले सभी ग्राम पंचायतों को विकसित ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य दोहराया।

प्रयागराज में वीबी-जी राम जी योजना की स्थिति

सम्मेलन में बताया गया कि प्रयागराज जनपद में वीबी-जी राम जी योजना के तहत 3,034 कार्य चल रहे हैं। पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाली स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या 118 है। जनपद में कुल 2,742 महिला मेट कार्यरत हैं।

योजना के तहत प्रयागराज में 1,85,701 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए 87,249 और अनुसूचित जाति के लिए 85,154 मानव दिवस शामिल हैं। जनपद में कुल सक्रिय श्रमिकों की संख्या 2,42,660 बताई गई।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर फाफामऊ विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, यमुनापार जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, ब्लॉक प्रमुखगण, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, उपायुक्त उद्योग, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, समस्त खंड विकास अधिकारी, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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