अटल जी ने निष्कलंक और निष्कपट राजनीति को आगे बढ़ाया, राष्ट्रहित हमेशा रहा सर्वोपरि : सीएम योगी

Atal ji promoted unblemished and honest politics, national interest was always paramount: CM Yogi

IPN Live

IPN Live

Lucknow, 17 Aug, 2026 04:15 AM
अटल जी ने निष्कलंक और निष्कपट राजनीति को आगे बढ़ाया, राष्ट्रहित हमेशा रहा सर्वोपरि : सीएम योगी

लखनऊ, 16 अगस्त (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति में निष्कलंक और निष्कपट राजनीति की परंपरा को आगे बढ़ाया। उनके लिए राजनीति सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, मूल्यों और आदर्शों का मार्ग थी। अटल जी के सार्वजनिक जीवन में ‘राष्ट्र प्रथम’ केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन का आधार था।

मुख्यमंत्री पं. अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में पूर्व प्रधानमंत्री की आठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं साहित्य संध्या को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से अटल जी की स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल जी के विचारों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

राष्ट्रहित में दल से ऊपर उठकर लिए निर्णय

सीएम योगी ने कहा कि अटल जी ने अनेक अवसरों पर दल के हित से ऊपर राष्ट्रहित को रखा। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बांग्लादेश में पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने देश की एकता के साथ बांग्लादेश मुक्ति अभियान का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान भी अटल जी ने दल से अधिक महत्वपूर्ण देश को माना। भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कर उन्होंने लोकतंत्र की बहाली के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन में जनसंघ ने सक्रिय भागीदारी की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1989 के बाद देश की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के दौर में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अटल जी ने वैश्विक मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि अटल जी का स्पष्ट मत था कि जब सवाल देश से जुड़ा हो तो वैश्विक मंच पर भारत के हितों की रक्षा करना ही प्राथमिकता होगी।

राजनीतिक अस्थिरता को स्थिरता में बदलने का काम किया

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1990 का दशक भारतीय राजनीति में राजनीतिक अस्थिरता का दौर था। 1989 के बाद 1991, 1996, 1998 और 1999 में लगातार चुनाव हुए। राजनीतिक अस्थिरता को स्थिरता में बदलने और समन्वयवादी राजनीति को आगे बढ़ाने में अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने कहा कि अटल जी ने गठबंधन की राजनीति में समन्वय स्थापित करते हुए सुशासन की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी जन्मतिथि 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

कारगिल में दुनिया ने देखी अटल जी की दृढ़ इच्छाशक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी को अक्सर सहज, सरल और कवि हृदय व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता था, लेकिन कारगिल युद्ध के दौरान उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने पूरी दुनिया को भारत की शक्ति का एहसास कराया।

उन्होंने कहा कि उस समय भारत पर युद्ध थोपे जाने के बावजूद अटल जी ने स्पष्ट रुख अपनाया और भारतीय सेना के पराक्रम के साथ मजबूती से खड़े रहे। सीएम ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा और अंततः उसे पीछे हटना पड़ा।

अनुच्छेद 370 हटाकर पूरा किया श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी का सपना

सीएम योगी ने कहा कि अटल जी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में अनुच्छेद 370 और परमिट सिस्टम के विरोध के आंदोलन से की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 समाप्त कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी के उस संकल्प को पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि अटल जी का देश के बुनियादी ढांचे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस के रुख को लेकर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस के कथित अभद्र आचरण और सेना पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति से उसकी राष्ट्रनिष्ठा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सेना के पराक्रम के मुद्दे पर राजनीतिक दृष्टिकोण से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

लखनऊ, बलरामपुर और बटेश्वर में अटल जी की स्मृतियों को संरक्षित करने का प्रयास

सीएम योगी ने कहा कि अटल जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। लखनऊ, जिसे अटल जी ने पांच बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया, में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के रूप में उनकी स्मृतियों को जीवंत रखने का कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित हो चुकी है और प्रदेश के मेडिकल कॉलेज इससे संबद्ध हैं। अटल जी की प्रथम कर्मभूमि बलरामपुर में उनके नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। वहीं आगरा के बटेश्वर स्थित उनके पैतृक गांव में उनकी प्रतिमा, संग्रहालय और स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है।

कवि और साहित्यकार के रूप में भी अमिट पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की पहचान राजनेता के साथ-साथ कवि, लेखक और साहित्यकार के रूप में भी रही। पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में कवि अशोक चक्रधर और गायिका मालिनी अवस्थी की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोनों का अभिनंदन किया।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी फाउंडेशन के माध्यम से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक लगातार कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास के लिए उपमुख्यमंत्री और फाउंडेशन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री एवं आयोजक ब्रजेश पाठक, कवि अशोक चक्रधर, मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, दारा सिंह चौहान, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद अमरपाल मौर्य, सांसद बृजलाल, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी सहित अटल बिहारी वाजपेयी फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

#ipnlive #ipnnews #ipn #AtalBihariVajpayee #AtalJi #YogiAdityanath #Lucknow #BJP #Kargil #OperationSindoor #Article370 #GoodGovernance #UttarPradesh #AtalFoundation

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.