UP में सड़कों की गड्ढा मुक्ति का चलेगा वृहद अभियान, 15 नवम्बर तक करना होगा गड्ढा मुक्त

A massive campaign will be run for pothole-free roads in UP, will have to be pit-free by November 15

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Lucknow, 6 Oct, 2022 11:30 PM
UP में सड़कों की गड्ढा मुक्ति का चलेगा वृहद अभियान, 15 नवम्बर तक करना होगा गड्ढा मुक्त

लखनऊ, 06 अक्टूबर 2022 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक बैठक में आगामी 08 अक्टूबर से आयोजित होने वाली भारतीय सड़क कांग्रेस के 81वें अधिवेशन की तैयारियांे की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिये।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी में आगामी 08 अक्टूबर से आयोजित भारतीय सड़क कांग्रेस (आई0आर0सी0) के 81वें अधिवेशन में भारत सरकार के मंत्रीगणों की गरिमामयी उपस्थिति होगी। इसके अतिरिक्त, सड़क निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं व कम्पनियों के लगभग 1,500 प्रतिनिधि भाग लेने वाले हैं। यह अधिवेशन सभी डेलीगेट्स के लिए अविस्मरणीय हो, इस भाव के साथ सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।

सीएम योगी ने कहा कि विगत 05 वर्ष में प्रदेश में सड़क निर्माण की तकनीक सुधार की दिशा में अभिनव कार्य हुए हैं। बॉर्डर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रदेश ने एक मॉडल प्रस्तुत किया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने एफ0डी0आर0 तकनीक आधारित सड़क तैयार कर न केवल सड़क की गुणवत्ता को बेहतर किया, बल्कि लागत को भी कम किया है। फुल डेप्थ रेक्लेमेशन तकनीक यानी एफ0डी0आर0 के जरिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आज भारत सरकार ने कई राज्यों को हमारे इस मॉडल को सीखने एवं जानने को भेजा है। प्लास्टिक वेस्ट से सड़कें बन रही हैं। आई0आर0सी0 में हमें प्रदेश के ऐसे नवाचारों से डेलीगेट्स को परिचित कराना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की चुनौतियों के बावजूद भी हमने रिकॉर्ड समय में पूरी गुणवत्ता के साथ बिना किसी विवाद के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे के रूप में विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी तैयार की है। डेलीगेट्स को इनका फील्ड विजिट भी कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आई0आर0सी0 अधिवेशन में देश-दुनिया की नवीनतम तकनीकों पर विमर्श होगा। यह हमारे इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। ऐसे में विभिन्न इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्र-छात्राओं को भी सहभागी बनाया जाए। इस सम्बन्ध में कॉलेजों से समय से संवाद बना लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सड़क कांग्रेस में प्रतिभाग करने वाले डेलीगेट्स की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ ही, आयोजन को बेहतर आतिथ्य एवं सत्कार के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। भारतीय संगीत की प्राचीनतम विरासत हरिहरपुर घराने के कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आमंत्रित करें। यह घराना शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य यानी तीनों विधाओं से सम्बद्ध है। हमें डेलीगेट्स को अपनी इस अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचय जरूर कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले तक मात्र 01 एक्सप्रेस-वे वाले प्रदेश में आज 06 एक्सप्रेस-वे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग भी 05 वर्ष पहले की तुलना में लगभग दोगुने हो गए हैं। बॉर्डर एरिया में शानदार कनेक्टिविटी है। भविष्य की जरूरत को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण की जरूरत है। ऐसे में मार्गों का चिन्हीकरण करते हुए इनके राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में उच्चीकरण व चौड़ीकरण के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़कों की गड्ढा मुक्ति के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवागमन की सुगमता के दृष्टिगत प्रदेश में सड़कों की गड्ढा मुक्ति के लिए वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी प्रगति का माध्यम होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 05 वर्ष में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। आज सुदूर गांवों तक अच्छी सड़कों की कनेक्टिविटी है। बॉर्डर एरिया तक बेहतरीन सड़कों का संजाल है। इसका सीधा लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ उसके रखरखाव का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। समय-समय पर सड़कों की मरम्मत किया जाना भी जरूरी होता है। बरसात का मौसम अंतिम चरण में है। ऐसे में सड़कों की मरम्मत और गड्ढा मुक्ति का कार्य किया जा सकता है। पी0डब्ल्यू0डी0, नगर विकास, सिंचाई, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, गन्ना विकास विभाग, औद्योगिक विकास विभाग सहित सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभाग इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार करें। औद्योगिक क्षेत्रों और कृषि मंडी क्षेत्रों में अच्छी सड़कों का होना आवश्यक है। इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। गड्ढा मुक्ति का यह अभियान आगामी 15 नवम्बर तक पूर्ण कर लिया जाना चाहिए।

सीएम ने कहा कि कोई व्यक्ति गांव में रहता हो या फिर मेट्रो सिटी में, अच्छी सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी उसका अधिकार है। ऐसे में सड़क सिंगल लेन की हो अथवा दो, चार या छः लेन की, उसकी गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क निर्माण की परियोजनाएं समय पर पूरी हों। समय-समय पर इनके गुणवत्ता की जांच की जाए। लापरवाही अथवा अधोमानक सड़कों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ जवाबदेही तय की जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गन्ना विकास विभाग ने विगत 05 वर्ष में शानदार कार्य किया है। किसानों के गन्ना मूल्य के बकाये का रिकॉर्ड भुगतान हो या नयी चीनी मिलों की स्थापना, पुराने के जीर्णाेद्धार, हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की संकल्पना से जुड़ते हुए गन्ना विकास विभाग को चीनी मिलों के जीर्णाेद्धार, तकनीकी क्षमता बढ़ोतरी, निजी चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन देने, अपनी सड़कों के निर्माण, अनुरक्षण, मरम्मत आदि के सम्बन्ध में एक विशेष निधि की स्थापना करने का प्रयास भी करना चाहिए। यह निधि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में निजी क्षेत्र के निवेशकों का सहयोग लिया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) पी0पी0पी0 मोड पर अच्छी गुणवत्तापरक सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार करें।

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद, लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव शहरी विकास अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नरेन्द्र भूषण, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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