निराश्रित गोवंश के लिए 2000 करोड़ रुपये, निषादराज बोट योजना से 1622 मछुआरों को लाभः सीएम योगी
2000 crore rupees for destitute cattle, 1622 fishermen benefit from Nishadraj Boat Scheme: CM Yogi
IPN Live
Lucknow, 20 Feb, 2026 07:54 PMबजट में पशुधन, मत्स्य और पर्यावरण संरक्षण पर किया गया विशेष फोकस: मुख्यमंत्री
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान से 242 करोड़ पौधरोपण, सहकारिता क्षेत्र में सस्ते ऋण की व्यवस्थाः सीएम योगी
लखनऊ, (IPN)। विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पशुधन, मत्स्य, पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता क्षेत्र में व्यापक प्रावधान किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को भी समान महत्व दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही नस्ल सुधार की दिशा में भी सरकार ठोस कदम उठाएगी, ताकि दुग्ध उत्पादन और पशुधन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए बकरी, भेड़, सूअर और कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन गतिविधियों से स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को आय के नए स्रोत मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।
मत्स्य क्षेत्र में 100 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। ‘निषादराज बोट योजना’ के अंतर्गत 1622 मछुआरों को नाव, जाल और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनकी आजीविका सुरक्षित और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड फिश सेंटर की स्थापना, मत्स्य बीज और ब्रूड बैंक, फिश प्रोसेसिंग सेंटर, आधुनिक मत्स्य मंडी और इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उद्देश्य यह है कि लैंडलॉक्ड राज्य होते हुए भी उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में अग्रणी बने।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। वनाच्छादन लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व के विकास, क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट तथा वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।
सहकारिता क्षेत्र में सस्ते ऋण की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में लघु और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए कोऑपरेटिव बैंकों से मिलने वाले महंगे ऋण पर सरकार ने सहूलियत प्रदान की है। इसका उद्देश्य किसानों को सस्ता और सुलभ ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे कृषि और पशुपालन गतिविधियों को विस्तार दे सकें।

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