ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार, 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला अनुदान

Yogi government supports marriage of OBC girls, over 30,000 beneficiaries get grants

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Lucknow, 20 Aug, 2026 06:57 PM
ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी योगी सरकार, 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला अनुदान

शादी अनुदान योजना के तहत अब तक 96 हजार से अधिक आवेदन

30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये का भुगतान

कम आय वाले परिवारों को राहत, बैंक खातों में सीधे पहुंच रही सहायता

लखनऊ, 20 अगस्त (आईपीएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता देने के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। सरकार के अनुसार योजना से बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक जिम्मेदारियों को कम करने में मदद मिल रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 106.65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है।

योजना के अंतर्गत अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किए गए हैं।

30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये का भुगतान

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आवंटित धनराशि का करीब 57.13 प्रतिशत है।

सरकार का लक्ष्य है कि योजना के पात्र परिवारों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बेटी के विवाह के समय उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

पात्र परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता

शादी अनुदान योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

योजना का लाभ ऐसे परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।

आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी माना जाता है। ऐसे में सरकार की शादी अनुदान योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोगी बन रही है।

आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में बाधा न बने: निदेशक

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार पिछड़े वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण और बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि शादी अनुदान योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में बाधा न बने। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजकर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।

सरकार का जोर है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक समय से पहुंचे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह के दौरान आवश्यक वित्तीय सहारा मिल सके।

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