यूपी विधान परिषद: पहली बार मेजों पर टैबलेट के साथ चली उच्च सदन की कार्यवाही
UP Legislative Council: For the first time, proceedings of the Upper House with tablets on the tables
IPN Live
Lucknow, 19 Sep, 2022 09:36 PMलखनऊ, 19 सितम्बर 2022 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सदन की कार्यवाही डिजिटल योजना के माध्यम से शुरू हुयी सभी सदस्यों की मेज पर टैबलेट लगाये गये हैं। सदन में नेता सदन और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा में सुधार योगी सरकार की गारंटी है। हम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं। परीक्षा नकल विहीन हो और परीक्षा केन्द्रों का दुरूपयोग न हो। हम शिक्षा में बहुउद्देश्यीय सुधार चाहते हैं, जिससे प्रदेश, देश ही में नहीं बल्कि दुनियां की किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में उत्तर प्रदेश नाम कमाये। सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड बढ़ रहा है, इसकी तारीफ होनी चाहिए। इसके साथ ही श्री मौर्या ने कहा कि उत्तर प्रदेश महिलाओं के प्रति अपराध करनेवालों को सजा दिलवाने में सबसे आगे है। अपराधी उत्तर प्रदेश को छोड़कर भाग रहे हैं।
विधान परिषद की कार्यवाही सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह के सभापतित्व में वन्देमातरम से हुयी। सभापति ने कार्य परामर्शदात्री समति की संस्तुतियों को सदन में तिथिवार प्रस्तुत किया। इसके बाद प्रश्न प्रहर शुरू हुआ। सदस्य राज बहादुर सिंह चन्देल ने उन्नाव नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों की संख्या की बाबत प्रश्न किया, जिस पर नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या के सापेक्ष 526 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। 10000 की जनसंख्या पर 28 सफाई कर्मचारियों के मानक के हिसाब से 497 सफाई कर्मचारी होने चाहिए, इसलिए सफाई कर्मचारियों की संख्या कम नहीं बल्कि ज्यादा है।
बसपा सदस्य भीमराव अम्बेडकर के एक सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ज्यादा रेलवे ब्रिज बनाये जायें ऐसा सरकार चाहती है। आने वाले समय में एक भी ऐसा रेलवे फाटक नहीं होगा जहां ओवरब्रिज न हो, बशर्ते वह एक लाख से ऊपर टीवीयू की श्रेणी में आता हो।
डा0 मान सिंह यादव ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल किये जाने की योजना की बाबत प्रश्न किया जिस पर वित्त राज्य मंत्री जसवंत सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
शून्य प्रहर में सभापति ने सदन ने पूर्व राज्यपाल सै0 सिब्ते रजी, सदन के पूर्व सदस्य राम नरेश रावत और सतीश चन्द्र के निधन की सूचना दी और सदन ने तीनों सदस्यों को अलग-अलग श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने वाराणसी जिले में मदरसा प्रबंधक द्वारा शिक्षकों का वेतन भुगतान न किये जाने के संबंध में नियम 39 क के अन्तर्गत सूचना दी। सभापति ने सूचना को शासन को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया।
शिक्षक दल के सुरेश कुमार त्रिपाठी एवं ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लाखों वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिये समान वेतन न दिये जाने एवं सेवा शर्तों लागू न किये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। सदस्यों ने कहा वैश्विक महामारी कोरोना के कालखंड में भी सरकार ने सभी वर्गों को कुछ न कुछ सहायता दी लेकिन वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को आपातकाल में भी कोई सहायता नहीं दी गयी जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार का पक्ष रखते हुए नेता सदन और उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने तथ्यों से सदन को अवगत कराया।
निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चन्देल एवं डा0 आकाश अग्रवाल ने प्रदेश के वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को रुपये 15000 रू प्रतिमाह का भुगतान सरकार द्वारा आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजे जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। डा0 आकाश अग्रवाल एवं राजबहादुर सिंह चन्देल ने अपने विचार व्यक्त किये। नेता सदन ने सदन को तथ्यों से अवगत कराया।

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