KGMU में दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का शुभारंभ, रोबोटिक सर्जरी सेवाओं का हुआ विस्तार

Da Vinci Robotic Surgery System Launched at KGMU, Expanding Robotic Surgery Services

IPN Live

IPN Live

Lucknow, 10 Feb, 2026 06:43 PM

लखनऊ, (आईपीएन)। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया। इससे पूर्व केजीएमयू में एसएसआई मंत्रा रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा चुका है, जिसके बाद यह पहल रोबोटिक सर्जरी सेवाओं को और सुदृढ़ करेगी।

नवीन दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का उद्घाटन कुलपति, केजीएमयू सोनिया नित्यानंद द्वारा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।

इस अवसर पर प्रो. बी.के. ओझा, सीएमएस, केजीएमयू, प्रो. एच.एस. पाहवा, फैकल्टी इंचार्ज, रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम, प्रो. विश्वजीत सिंह, एमएस शताब्दी, डॉ अक्षय आनंद तथा अन्य वरिष्ठ एवं विशिष्ट संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

KGMU में दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का शुभारंभ, रोबोटिक सर्जरी सेवाओं का हुआ विस्तार

प्रणाली की नैदानिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए प्रो. अभिजीत चंद्रा, विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रो सर्जरी विभाग, ने सफलतापूर्वक रोबोट-सहायित लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी का निष्पादन किया, जिससे रोबोटिक सर्जरी की सटीकता, सुरक्षा एवं लाभों का स्पष्ट प्रदर्शन हुआ।

दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली के शुभारंभ के साथ केजीएमयू रोगी देखभाल, सर्जिकल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह पहल किफायती, सुलभ एवं विश्व-स्तरीय तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बता दें कि दा विंची रोबोटिक सर्जरी एक उन्नत मिनिमली इनवेसिव (न्यूनतम चीर-फाड़) शल्य चिकित्सा प्रणाली है, जिसमें सर्जन एक कंसोल पर बैठकर 3D हाई-डेफिनिशन दृश्य के साथ रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करते हैं। यह तकनीक जटिल सर्जरी में पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में अधिक सटीकता, छोटे चीरे, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी प्रदान करती है। 

KGMU में दा विंची रोबोटिक सर्जरी प्रणाली का शुभारंभ, रोबोटिक सर्जरी सेवाओं का हुआ विस्तार

दा विंची रोबोटिक सर्जरी की मुख्य विशेषताएं :

सटीक नियंत्रण : सर्जन के हाथों की हर हरकत को रोबोटिक उपकरण सटीक रूप से नकल करते हैं, जो मानव हाथ से अधिक व्यापक रूप से घूम सकते हैं।

3D विज़न : सर्जन को शरीर के अंदर का 3D हाई-डेफिनिशन दृश्य मिलता है, जिससे ऊतकों की बेहतर पहचान होती है।

कम चीर-फाड़ (Minimally Invasive) : छोटे चीरे लगने के कारण दर्द, संक्रमण का खतरा कम होता है और अस्पताल में कम समय रुकना पड़ता है।

उपयोग : इसका उपयोग मुख्य रूप से यूरोलॉजी (मूत्रविज्ञान), स्त्रीरोग, थोरेसिक (छाती) और जनरल सर्जरी में किया जाता है।

प्रक्रिया : सर्जन एक कंसोल के माध्यम से रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करते हैं, न कि सीधे मरीज पर हाथ रखते हैं। 

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.