UP विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे पर मुकदमा दर्ज करने की मांग, प्रयागराज में अधिवक्ता ने दी तहरीर
A lawyer in Prayagraj filed a complaint demanding the registration of a case against UP Assembly Principal Secretary Pradeep Dubey.
IPN Live
Lucknow, 27 Jun, 2026 06:14 PMप्रार्थना पत्र में उन्होंने लिखा है कि 11 जनवरी 2011 को जारी एक अधिसूचना में प्रदीप दुबे ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा कार्मिकों की भर्ती किए जाने के अधिकार को विधानसभा की तीन सदस्यीय चयन समिति को दे दिया। उसके बाद हुई भर्तियां लगातार विवादित रही जिसमें सीबीआई जांच का आदेश तक हुआ।
सौरभ सोमवंशी ने इस अधिसूचना को गैर संवैधानिक एवं अपराधिक बताया है इसके अलावा उनका यह आरोप है कि दिसंबर 2011 से लेकर 9 मार्च 2012 तक जब उत्तर प्रदेश में चुनाव के कारण आचार संहिता लागू थी तब प्रमुख सचिव संसदीय के पद पर रहते हुए प्रदीप दुबे ने अपनी नियुक्ति विधानसभा के प्रमुख सचिव के रूप में की। प्रदीप दुबे के द्वारा आचार संहिता के दौरान यह कृत्य करना तो अपराधिक था ही तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर के द्वारा संस्तुति के आधार पर 6 मार्च को वह प्रमुख सचिव बने। उस दिन सुखदेव राजभर आजमगढ़ में दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनाव की काउंटिंग करा रहे थे।
इस तरह के आरोपो के बाद सौरभ सोमवंशी का कहना है कि प्रदीप दुबे के द्वारा इस तरह के कृत्यों से उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ गलत हुआ है और प्रदीप दुबे के कृत्य अपराधिक है इसलिए उन पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

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