नेपाल त्रासदी: सुरंगों में रेस्क्यू और डीएनए पहचान में जुटे भारतीय विशेषज्ञ
Nepal tragedy: Indian experts engaged in rescue and DNA identification in tunnels
IPN Live
Lucknow, 1 Sep, 2026 11:37 AMचिलिमे और लांगटांग में नेपाली सेना के साथ भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम अज्ञात शवों की पहचान में जुटी, 68.5 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंची
काठमांडू, (आईपीएन)। विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भारत ने अपने अभियान को और तेज कर दिया है। ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत भारत ने राहत सामग्री के साथ जटिल बचाव अभियानों के लिए विशेष तकनीकी दल नेपाल भेजे हैं। भारतीय टनल रेस्क्यू टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान में जुटी है। वहीं, आपदा में जान गंवाने वाले अज्ञात लोगों की वैज्ञानिक पहचान के लिए 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम भी नेपाल पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के साथ काम कर रही है।
भारतीय दूतावास, काठमांडू ने ‘एक्स’ पर बताया कि भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों में हाइड्रोपावर टनल साइटों पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया। टीम नेपाली सेना के साथ समन्वय कर अभियान को आगे भी जारी रखेगी।
आधुनिक उपकरणों से सुरंगों में तलाश
भारतीय इंजीनियर और विशेषज्ञ आधुनिक सेंसर, कटर तथा अन्य विशेष उपकरणों की मदद से सुरंगों में रास्ता बनाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भारतीय विशेषज्ञों की तकनीकी क्षमता नेपाल के राहत एवं बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम कर रही डीएनए पहचान
भीषण आपदा में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने के बीच अज्ञात शवों की पहचान भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके लिए भारत ने 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी है। टीम स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मृतकों के डीएनए सैंपल एकत्र करने और उनके तकनीकी विश्लेषण के जरिए वैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करने में सहायता कर रही है।
68.5 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल पहुंची
भारत की ओर से मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान भी लगातार जारी है। भारतीय वायुसेना के विशेष सैन्य परिवहन विमानों के जरिए अब तक 68.5 टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री और जीवन रक्षक दवाओं की चार बड़ी खेप काठमांडू भेजी जा चुकी हैं।
भारतीय दूतावास के अनुसार, राहत सामग्री की चौथी खेप में 11 टन आवश्यक सामान नेपाल को सौंपा गया। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट सहित अन्य जरूरी सामग्री शामिल है।
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को भी निकाला जा रहा
भारत सरकार बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के अभियान में भी जुटी है। नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रसुवा जिले के गंभीर रूप से प्रभावित चिलिमे गांव से नेपाली सेना द्वारा सुरक्षित निकाले गए तीन भारतीय नागरिकों और उनके एक नेपाली सहयोगी से मुलाकात की।
इससे पहले भी भारतीय मिशन के प्रयासों से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों के एक बड़े दल को सुरक्षित निकाला जा चुका है। संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से राहत, बचाव, तकनीकी सहायता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बहुआयामी अभियान जारी है।
(रिपोर्ट : शाश्वत तिवारी)
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