AKTU की कार्यपरिषद में विभिन्न प्रस्तावों को मिली मंजूरी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी
Various proposals were approved in the Executive Council of AKTU, including the proposal to establish a Centre of Excellence.
लखनऊ, (IPN)। डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में गुरूवार को कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गयी। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इंजीनियरिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश यूपीटीएसी की काउंसलिंग के जरिये जेईई मेंस, सीयूईटी, एवं नाटा की रैंकिंग के आधार पर देने के प्रस्ताव का अनुमोदन दिया गया।
बैठक में नये वित्तीय वर्ष के लिए 1016.63 करोड़ रूपये के बजट को अनुमोदन प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय को नई तकनीकी से लैस करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।
प्रदेश में नई तकनीकी को युवाओं के लिए सुलभ बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एप्पल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी ऑफ एक्सीलेंस, साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन टेक्नोलॉजी में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह सेंटर हब एंड स्पोकेन मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके जरिये विश्वविद्यालय में एआई आधारित स्टार्टअप्स, इनोवेशन, शिक्षकों का प्रशिक्षण आदि कार्य किये जाएंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय में एप्पल सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी है। इसके तहत एप्पल कम्प्यूटर आधारित मैक लैब में नई उभरती तकनीकी जिसमें, ऐप विकसित करने से लेकर एमएल, क्रिएटिव कम्प्यूटिंग सहित अन्य तकनीकी में छात्रों को प्रशिक्षित करने में मदद मिलेगी।
इसी तरह परिसर में अंतरिक्ष के क्षेत्र में बढ़ती मंाग को देखते हुए स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। इसके तहत स्पेस साइंस, सेटेलाइट सिस्टम, रॉकेटरी, रिमोट सेंसिंग सहित अन्य विषयों में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए यह सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके माध्यम से छात्रों को अंतरिक्ष तकनीकी पर आधारित, अनुसंधान एवं नवाचार में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त साइबर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के प्रस्ताव को भी बजट में मंजूरी दी गयी। जिसमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फॉरेंसिक, इंटीग्रेटेड सेंटर फॉर क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, बिहैवरल फॉरेंसिक एंड इंवस्टिगेटिव साइकोलॉजी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फॉरेंसिक एकाउंटिंग एंड फाइनेंसियल इंवेस्टिगेशन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन साइबर सिक्योरिटी स्थापित किया जाएगा।
बैठक में प्रतिकुलपति प्रो0 राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 दीपक नगरिया, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 ओपी सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी यामिनी जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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