शिक्षा पद्धति में रचनात्मक बदलाव होना चाहिए: डा. रोजर किंगडन
There should be constructive changes in the education system: Dr. Roger Kingdon
IPN Live
Lucknow, 3 May, 2025 09:40 PMलखनऊ, 03 मई 2025 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोल्फ सिटी कैम्पस, जॉपलिंग रोड कैम्पस एवं राजेन्द्र नगर द्वितीय कैम्पस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किये जा रहे तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय प्रधानाचार्य सम्मेलन (आई.सी.पी.) का दूसरा दिन आज देश-विदेश से आये शिक्षाविदों के बहुमूल्य विचारों से ओतप्रोत रहा। आस्ट्रेलिया, मॉरीशस, नेपाल एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से आये प्रधानाचार्य व शिक्षाविद्ों ने इक्कीसवीं सदी में शिक्षा के नये रूप को विकसित करने की पद्धति, नवीन शैक्षिक तकनीकों, नवीन शैक्षिक उपकरणों एवं टीचिंग एड्स पर अपने विस्तृत अनुभव रखे।
स्कूल प्रशासन के मुताबिक, परिचर्चा का शुभारम्भ सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट डा. रोजर ंिकंगडन के अभिभाषण से हुआ। डा. किंगडन ने कहा कि सम्मेलन का लक्ष्य यही है कि शिक्षा पद्धति में रचनात्मक बदलाव होना चाहिए। बच्चों एवं शिक्षकों के बीच एक भावनात्मक सम्बन्ध होना आवश्यक है। शिक्षक न सिर्फ छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान दें अपितु उनकी जिज्ञासाओं व उलझनों को भी सुलझायें।
सी.एम.एस. की सुपीरियर प्रिन्सिपल एवं क्वालिटी अश्योरेन्स एवं इनोवेशन डिपार्टमेन्ट की हेड सुष्मिता घोष ने शिक्षाविद्ों का स्वागत करते हुए कहा कि जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा ही छात्रों को समाज का एक आदर्श नागरिक बनायेगी।
सम्मेलन के अन्तर्गत आज देश-विदेश से आये शिक्षकों व प्रधानाचार्यों ने ‘द पास्ट, प्रजेन्ट एण्ड फ्यूचर ऑफ स्कूल लीडरशिप’ थीम पर अपने विचार रखे। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने पॉवर प्वाइंट प्रजेन्टेशन प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए ‘स्किल बेस्ड लर्निंग - फ्यूचर प्रूफिंग स्टूडेन्ट्स फॉर सक्सेस’ एवं ‘बिल्डिंग ग्लोबल सिटीजनशिप - इनोवेटिव एप्रोच टु इन्वार्यनमेन्टल एजूकेशन’ विषय पर व्याख्यान दिया। इसके साथ ही ख्यातिप्राप्त शिक्षाविद्ों के बीच शिक्षा पद्धति में रचनात्मक बदलावों पर भी गहन चिन्तन-मनन हो रहा है। गूगल फॉर एजूकेशन इण्डिया के हेड संजय जैन ने अपने संबोधन में कहा कि ए.आई. शिक्षा में कान्तिकारी बदलाव का टूल है, जो छात्रों की जिज्ञासाओं का तुरन्त ही सटीक समाधान प्रस्तुत करता है। इसके माध्यम से छात्र अपनी रूचि के विषयों में गहरी से गहरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर कविता आनंद, फाउण्डर-डायरेक्टर, अध्ययन क्वालिटी एजूकेशन सर्विस, डा. ज्योति, शिक्षाविद्, गुड़गांव, श्रुति नागर, शिक्षाविद्, गुड़गांव समेत कई प्रख्यात शिक्षाविद्ों ने अपने विचार व्यक्त किये। सम्मेलन की खास बात यह है कि इसमें शैक्षिक कार्यशाला, वेलनेस सेशन एवं टीचिंग एड्स के द्वारा सारगर्भित व उपयोगी बनाया गया है।
शनिवार को आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की। प्रो. किंगडन ने कहा कि समय की माँग है कि शिक्षा छात्रों के सर्वांगीण विकास एवं विश्वव्यापी दृष्टिकोण का माध्यम बननी चाहिए एवं इन्हीं विचारों को मूर्तरूप देने लखनऊ में प्रख्यात शिक्षक व शिक्षाविद् आये हैं।
सी.एम.एस. के हेड, कम्युनिकेशन्स ऋषि खन्ना ने बताया कि सम्मेलन में शिक्षाविद्ों की चर्चा-परिचर्चा का दौर रविवार को भी जारी रहेगा। दिन भर की परिचर्चा के बाद सायंकालीन सत्र में सम्मेलन का समापन होगा। उन्होंने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में की-नोट एड्रेस, पैनल डिस्कशन, वर्कशाप, केस स्टडी एवं पेपर प्रजेन्टेशन के माध्यम से शिक्षा पद्धति में क्रान्तिकारी बदलाव की रूपरेखा तय की जा रही है।

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