मिशन शक्ति 6.0: 37 हजार से अधिक बालिकाओं ने सीखे बैंकिंग और स्वास्थ्य के व्यवहारिक कौशल

Mission Shakti 6.0: Over 37,000 Girls Acquired Practical Skills in Banking and Health

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Lucknow, 23 Mar, 2026 06:58 PM
मिशन शक्ति 6.0: 37 हजार से अधिक बालिकाओं ने सीखे बैंकिंग और स्वास्थ्य के व्यवहारिक कौशल

- बालिकाओं को मिला वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं की समझ तथा जीवनोपयोगी कौशलों का व्यावहारिक ज्ञान

- बचत, खाता संचालन, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम उपयोग एवं सुरक्षित लेन-देन से परिचित हुईं बेटियां

- स्वास्थ्य सेवाओं की संरचना, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सुविधाओं, स्वच्छता और पोषण के महत्व से भी कराया गया अवगत

- बालिकाओं को शिक्षित कर उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम और आत्मनिर्भर बना रहे हैं: संदीप सिंह

- बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं से बेटियों को जोड़ना, उन्हें सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: मोनिका रानी 

लखनऊ, (IPN)। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित बैंक एवं अस्पताल भ्रमण तथा संबंधित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में 37,685 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान बालिकाओं को औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं की समझ तथा जीवनोपयोगी कौशलों से सशक्त बनाने का सार्थक प्रयास किया गया। इस दौरान बालिकाओं ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे, अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और सीखे गए ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

बता दें कि इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ साथ उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के लिए तैयार करना रहा, ताकि वे आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त नागरिक बन सकें। 

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि 'मिशन शक्ति’ के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षित करने के साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार के भ्रमण एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार करते हैं।

बेटियां को मिला ज्ञान, जीवन की सरलता के मिले टिप्स

अस्पताल और बैंक भ्रमण के दौरान दौरान बालिकाओं को बैंकों का भ्रमण कराते हुए उन्हें बचत की महत्ता, खाता संचालन, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम उपयोग एवं सुरक्षित लेन-देन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं अस्पताल भ्रमण के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की संरचना, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सुविधाओं, स्वच्छता और पोषण के महत्व से अवगत कराया गया। इस अनुभवात्मक शिक्षण प्रक्रिया ने बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास, जागरूकता और निर्णय क्षमता को सुदृढ़ किया।

डीजी ने कहा

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि बालिकाओं को बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना उन्हें जागरूक एवं सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार की गतिविधियां उनके भीतर आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और निर्णय क्षमता का विकास करती हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

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