नशे के नेटवर्क पर यूपी पुलिस का बड़ा प्रहार, तीन साल में 10 गुना बढ़ी पीआईटी-एनडीपीएस कार्रवाई
UP Police launches major crackdown on drug network, PIT-NDPS action increases 10-fold in three years
IPN Live
Lucknow, 24 Sep, 2026 08:59 PM2026 में अब तक 71 अभ्यस्त तस्कर निरुद्ध, 78.5 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त; एएनटीएफ ने अकेले 33 तस्करों पर कसा शिकंजा
लखनऊ, 24 सितंबर 2026 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और एएनटीएफ की कार्रवाई अब गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। तस्करों को जेल भेजने के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसने की रणनीति के तहत कार्रवाई तेज की गई है। पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत अभ्यस्त तस्करों के निरुद्धीकरण और मादक पदार्थों से अर्जित अवैध संपत्ति की जब्ती में 2026 में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2024 में प्रदेश में सात अभ्यस्त तस्करों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 19 हुई, जबकि 23 सितंबर 2026 तक 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें अकेले एएनटीएफ ने 33 तस्करों को निरुद्ध किया है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2026 की कार्रवाई वर्ष 2024 के मुकाबले करीब दस गुना है।
गिरफ्तारी के साथ आर्थिक नेटवर्क पर भी चोट
यूपी पुलिस की रणनीति का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में चार प्रकरणों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। वर्ष 2025 में 29 प्रकरणों में करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं 2026 में 23 सितंबर तक 69 प्रकरणों में करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की गई है। इनमें एएनटीएफ ने अकेले 40 प्रकरणों में करीब 13 करोड़ रुपये की कार्रवाई की है। उपलब्ध आंकड़ों में अब तक कुल जब्ती का मूल्य 78.5 करोड़ रुपये बताया गया है।
बड़े तस्करों पर पीआईटी-एनडीपीएस का शिकंजा
पुलिस के मुताबिक प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े अभ्यस्त तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें गुरमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शशिमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू समेत कई तस्करों को निरुद्ध कर जेल भेजे जाने की कार्रवाई शामिल है।
पीआईटी एनडीपीएस कानून के तहत बार-बार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यस्त तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत तस्करी से अर्जित संपत्ति के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।
2029 तक नशामुक्त प्रदेश का लक्ष्य
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि नशा केवल युवाओं के भविष्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। यूपी पुलिस और एएनटीएफ मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही हैं।
डीजीपी के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क को चिन्हित कर उसे तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति पर भी कानूनी कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं और समाज को नशे की ओर धकेलने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
डीजीपी मुख्यालय स्तर से अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। उत्तर प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत मादक पदार्थों की सप्लाई चेन, तस्करों के नेटवर्क और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई को अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
रिपोर्ट : ए अहमद सौदागर
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