लखनऊ : शादी समारोह में फायरिंग से वृद्ध की मौत
Lucknow: Old man dies due to firing at a wedding ceremony
IPN Live
Lucknow, 18 Apr, 2025 12:57 AM पुलिस ने एक को पकड़ा, बेख़ौफ़ होकर चलाई थी गोली, असलहा जब्त
लखनऊ, (आईपीएन)। हर वर्ष हर्ष फायरिंग पर पाबंदी और उससे होने वाली घटनाओं के बावजूद लोग सजग नहीं हो रहे हैं। काकोरी क्षेत्र के गहलवारा में रहने वाले चंदू की शादी थी। शादी में मेहमान और करीबी इकट्ठा थे और हर चेहरे पर खुशी थी। इसी दौरान महज अपना प्रभाव दिखाने के लिए बारात आए काकोरी मोड़ पारा निवासी 25 वर्षीय इमरान असलहा से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली चंदू के 70 वर्षीय भाई शमशेर उर्फ शेरा के सीने में जा धंसी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चंद मिनटों के भीतर ही खुशियां काफूर हो गई। पुलिस ने फायरिंग करने के आरोप पारा निवासी इमरान को पकड़ा है।
,,,, हर्ष फायरिंग की तो जाएंगे जेल,,,,
,,,दुस्साहस पड़ेगा महंगा, शस्त्र लाइसेंस निरस्त होगा,,,
समारोहों में फायरिंग कर जश्न मनाना पड़ सकता है। दोषी पाए जाने पर सिर्फ असलहे का लाइसेंस निरस्त हो सकता है, बल्कि जेल भी जाना पड़ सकता है। काकोरी क्षेत्र में हर्ष फायरिंग के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति की हुई मौत के बाद एक बार फिर कमिश्नरेट पुलिस सकते में आ गई है। इसकी रोकथाम के लिए राजधानी लखनऊ के सभी पुलिस अफसरों को निर्देश दिए हैं। लापरवाही सामने आने पर संबंधित थाने के स्टेशन अफसरों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस के जिम्मेदार अफसरों ने निर्देश दिया है कि लाइसेंसी शस्त्रों का इस्तेमाल व्यक्तिगत सुरक्षा के अलावा कहीं भी न करने दिया जाए। समारोहों फायरिंग करने वालों पर कार्रवाई हो और इसकी जिम्मेदारी कमिश्नरेट के सभी जोन को सौंपी जाए।
,,, पुलिस प्रशासन चेता और न ही लोग,,,
दुख: झूठी शान में चली गई एक और जान,,,
समारोहों की चमक-धमक में झूठी शान और नशे में चूर होकर की जाने वाली फायरिंग की घटनाओं पर पुलिस प्रशासन के लाख दावों के बावजूद अंकुश नहीं लग पा रहा है। चंद मिनटों में खुशियों को खाक करने वाली ऐसी घटनाओं के लिए लोग भी कम दोषी नहीं हैं। काकोरी क्षेत्र स्थित गहलवारा गांव में शादी समारोह में की गई फायरिंग से एक वृद्ध की हुई मौत ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कवायद पर सवालिया निशान लगा दिया है।
राजधानी लखनऊ में समारोह के दौरान होने वाली फायरिंग से लोगों की असमय मौत का यह सिलसिला पुराना है। हर बार ऐसी किसी घटना के बाद पुलिस प्रशासन के अफसर कुछ दिनों तक तो समारोहों में असलहों के प्रदर्शन को रोकने के लिए सतर्कता बरतते हैं, पर चंद दिनों बाद ही शांत बैठ जाते हैं यही वजह है कि लाइसेंसी असलहे लेकर उनका प्रदर्शन करने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। बुधवार रात काकोरी क्षेत्र के गहलवारा में चंदू के घर जहां चारों ओर खुशियां बिखरी थी वहीं अब मातम छाया है।
,,, इससे पहले भी हर्ष फायरिंग में जा चुकी हैं कई जानें,,,
वर्ष 2002- इंदिरा नगर क्षेत्र में समारोह में फायरिंग से प्रशिक्षु दरोगा की मौत हो गई थी।
20 फरवरी 2011- चिनहट कोतवाली से कुछ दूरी पर स्थित बुद्ध विहार कालोनी में तिलक समारोह में फायरिंग से बाराबंकी निवासी 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद की गोली लगने से मौत हो गई थी।
यह तो महज बानगी भर है और भी कई लोगों की हर्ष फायरिंग में जाने जा चुकी हैं।

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