पत्रकार राघवेन्द्र हत्याकांड : दो इनामी कातिल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, छह माह से चल रहे थे फरार
Journalist Raghvendra murder case: Two wanted killers killed in police encounter, were absconding for six months

IPN Live
Lucknow, 7 Aug, 2025 12:59 PMइनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अफसरों ने रखा था एक-एक लाख रुपए का इनाम
लखनऊ, (आईपीएन)। सीतापुर जिले के महोली क्षेत्र निवासी पत्रकार राघवेन्द्र हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को एसटीएफ और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम गुरुवार सुबह तड़के मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। पुलिस को मौके से अवैध असलहा बरामद हुए हैं।
सीतापुर जिले के पिसावा थाना क्षेत्र के दुल्लापुर तिराहे के पास गुरूवार सुबह तड़के फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों से एसटीएफ और पुलिस संयुक्त टीम से मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों कुख्यात बदमाश वहीं ढेर हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
जनपद सीतापुर एसपी अंकुर अग्रवाल के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए में दोनों बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान पुत्र कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान निवासी अटवा थाना मिश्रिख व संजय तिवारी उर्फ शिबू उर्फ शकील ख़ान पुत्र कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान निवासी अटवा थाना मिश्रिख सीतापुर के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि गुरुवार सुबह तड़के सूचना मिली कि राघवेन्द्र हत्याकांड में फरार चल रहे दोनों इनामी बदमाश किसी बड़ी घटना करने के लिए क्षेत्र में मंडरा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस सूचना पर एसटीएफ के सहयोग से पुलिस टीम क्षेत्र में नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। पुलिस चेकिंग कर रही थी कि इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें रूकने का इशारा किया लेकिन वह पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी।
एसटीएफ और पुलिस अपना बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की तो दोनों बदमाश गोली लगने से ढेर हो गए। सनद रहे कि बीते आठ मार्च 2025 को सीतापुर जिले के महोली निवासी पत्रकार राघवेन्द्र वाजपेई की असलहों से लैस बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जबकि मुकदमे में नामजद राजू तिवारी व संजय तिवारी फरार हो गए थे।
पुलिस अफसरों ने दोनों कुख्यात अपराधियों की धर-पकड़ के लिए एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
इससे पहले भी दोनों भाई क्षेत्र में संगीन वारदात कर सनसनी फैला चुके हैं
बताया जा रहा है कि कुख्यात बदमाश राजू उर्फ रिजवान वर्ष 2006 लखीमपुर-खीरी जिले में उपनिरीक्षक परवेज अली की किसी धारदार हथियार काटकर बेरहमी से कत्ल कर दिया था। जबकि उसका खूंखार भाई संजय तिवारी उर्फ शकील ख़ान ने सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र में देवी सहाय शुक्ल की सरेराह गोली मारकर हत्या की थी। बताया जा रहा है मुठभेड़ में ढेर हुए दोनों भाई एक खूंखार अपराधी थे और इनके खिलाफ इससे पहले भी हत्या, लूट, डकैती समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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