आजमगढ़ में खूनी खेल का अंत: पत्नी, बेटे और दो पंडितों की हत्या का आरोपित मुठभेड़ में ढेर
Azamgarh bloodbath ends: Man accused of killing wife, son, and two priests killed in encounter
IPN Live
Lucknow, 23 Sep, 2026 07:12 PMपूजा-पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद बना चार हत्याओं की वजह, करीब सात घंटे तक घर में कैद रहा अरविंद
ए अहमद सौदागर
आजमगढ़, 23 सितंबर 2026 (आईपीएन)। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पत्नी, मासूम बेटे और पूजा-पाठ कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या के सनसनीखेज मामले का देर रात पुलिस ने अंत कर दिया। चार लोगों की हत्या के आरोपित 45 वर्षीय अरविंद सिंह को एटीएस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ मकान के भीतर खुद को कैद कर लिया था। पुलिस टीम ने कई घंटे तक मकान को चारों तरफ से घेरकर उसे बाहर निकलने के लिए समझाने का प्रयास किया। करीब सात घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान मकान के भीतर से गोलियों की आवाजें भी सुनाई दीं।
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम के मकान में दाखिल होने के दौरान अरविंद ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
पूजा-पाठ को लेकर हुआ था विवाद
शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की पत्नी बबिता सिंह मंगलवार शाम घर में पूजा-पाठ करा रही थीं। पूजा कराने के लिए पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि अरविंद ने पहले दोनों से कहा था कि जब वह कहेंगे तभी पूजा-पाठ के लिए आएं, लेकिन मंगलवार को उनके घर पहुंचने को लेकर वह नाराज था।
इसी बात को लेकर अरविंद और दोनों पंडितों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि अरविंद ने दोनों से आधार कार्ड भी मांगा। विवाद बढ़ने पर पत्नी बबिता सिंह की भी पति से कहासुनी हो गई।
आरोप है कि इसी दौरान अरविंद ने अपनी लाइसेंसी राइफल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से बबिता सिंह, महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। घटना के बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर मकान के भीतर चला गया और खुद को कमरे में बंद कर लिया।
सात घंटे तक पुलिस ने घेरे रखा मकान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, एटीएस और एसओजी की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे मकान की घेराबंदी कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और अरविंद को आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने का प्रयास शुरू किया गया।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मकान के भीतर मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। इसी दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपने नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह को भी गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने दरवाजा खुलवाने और भीतर दाखिल होने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान अरविंद ने पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह मारा गया।
चार मौतों से दहला शंभूपुर
इस घटना में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह, नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह और पूजा कराने आए पंडित महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौत हुई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मकान में मौजूद अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एक ही परिवार और पूजा-पाठ से जुड़े लोगों को लेकर हुई इस वारदात से शंभूपुर गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटना के पीछे विवाद की परिस्थितियों तथा वारदात में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इस खबर को क्राइम रिपोर्टिंग की धार, घटनाक्रम की स्पष्टता और IPN शैली में दोबारा व्यवस्थित किया है। आरोपित के बारे में पुलिस कार्रवाई से जुड़े दावों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उपलब्ध विवरण के अनुसार रखा गया है।

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