सामाजिक सरोकार, राष्ट्रवाद और जनविश्वास यात्राओं के सहारे बीजेपी के बढ़ते कदम

आगामी विधानसभा चुनावों के सिलसिले में उत्तर प्रदेश में राजनैतिक गतिविधियां लगातार तेजी से बढ़ रही हैं अभी फिलहाल प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता के बल पर भारतीय जनता पार्टी ने मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की हुई है जबकि समाजवादी पार्टी गठबंधन की ओर से भी भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। समाजवादी नेता अखिलेश यादव की जनसभाओं व विजय रैली में भारी भीड़ आ रही है। सत्तापक्ष व विपक्ष सभी का मनोबल बढ़ा हुआ है।

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Lucknow, 20 Dec, 2021 07:00 PM
सामाजिक सरोकार, राष्ट्रवाद और जनविश्वास यात्राओं के सहारे बीजेपी के बढ़ते कदम
मृत्युंजय दीक्षित 
आईपीएन। आगामी विधानसभा चुनावों के सिलसिले में उत्तर प्रदेश में राजनैतिक गतिविधियां लगातार तेजी से बढ़ रही हैं अभी फिलहाल प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता के बल पर भारतीय जनता पार्टी ने मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की हुई है जबकि समाजवादी पार्टी गठबंधन की ओर से भी भाजपा को कड़ी टक्कर मिल रही है। समाजवादी नेता अखिलेश यादव की जनसभाओं व विजय रैली में भारी भीड़ आ रही है। सत्तापक्ष व विपक्ष सभी का मनोबल बढ़ा हुआ है। समाजवादियों को लग रहा है कि इस बार बदलाव होगा लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने भी जनविश्वास को दोबारा हासिल करने के लिये कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। बंगाल चुनावों में मिली पराजय के बाद बीजेपी हाईकमान ने काफी सतर्कता के साथ चुनावी रणनीति को अंजाम दिया है जिसका असर दिखलायी पड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, हिंदुत्व के एजेंडे के साथ विकास को भी अपने मूल एजेंडें में शामिल कर काफी आक्रामक ढंग से चुनावी मैदान में उतर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उप्र मंे लगातार शिलान्यास, लोकार्पण व उदघाटन समारोह में जुट गये हैं। उनकी रैलियों में जनसमूह में पहले की तरह ही जनता में जोश उमड़ रहा है।

प्रधानमंत्री 30 दिन में नौ दौरे कर चुके हैं और अरबों की सौगात दे चुके हैं। पोस्टरोें के हिसाब से यूपी चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही भाजपा का मुख्य चेहरा बने हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नंबर दो पर विराजमान हैं। जातिगत समीकरणांे में भी पीएम मोदी फिट बैठ रहे हैं। प्रधानमंत्री की जनसभाओं में भारी भीड़ आ रही है और लाखों लोग उनको देखने और सुनने के लिए पहुंच रहे हैं। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी में विकास का विजन लोगोें के सामने रखा गया है। वह स्थानीय भाषा में आम जनता को संबोधित कर रहे हैं। झांसी में बुंदेली तो सुल्तानपुर में अवधी- भोजपुरी में अपनी बात रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी आगामी आठ दिनों में यूपी में दमदार रैलियां करने जा रहे हैं। जिसमें प्रयागराज, काशी और कानपुर में उनका विशेष कार्यक्रम लगा है।

प्रधानमंत्री ने 13 दिसम्बर 2021 को काशी विश्वनाथ कोरिडोर का भव्य लोकार्पण किया और हिंदुत्व की भावना को मजबूत करने वाला जोश से परिपूर्ण ओजस्वी भाषण दिया और इस अवसर पर गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर बहुत बड़ा सियासी संदेश दे दिया। काशी में पीएम मोदी ने आस्था और विकास की जो डुबकी लगायी उससे विरोधी दल अभी भी उबर नहीं पा रहे हैं। सभी विरोधी दलांे ने पीएम के काशी दौरे को सियासी नाटक करार दिया और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जो बयान दिया उससे उनका नुकसान ही हो गया। काशी में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों व महापौरों का सम्मेलन भी हुआ तथा उसके बाद सभी अतिथियों ने अयोध्या में भी भगवान श्रीराम के चरणों में अपना शीश झुकाया। 

इस बीच भाजपा सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट किया जिसमें मिशन- 2022 में सरकार ने सफलता पाने के लिए मजदूरों बुजुर्गो महिलाओं और मानदेय कार्मिकोें को साधने के लिए खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा ने प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक मजदूरों को चालू वित्तीय वर्ष में दो हजार रूपये भरण पोषण अनुदान दिये जाने की घोषणा की वहीं दूसरी ओर वृद्धावस्था,विधवा, दिव्यांगजन और  कुष्ठावस्था पेंशन की धनराशि को दोगुना करने की घोषणा की है। बजट पेश करते हुए सरकार ने गरीब महिलाआंेे को असाध्य बीमारी के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत अनुमन्य धनराशि के अलावा पांच लाख रूपये की अतिरिक्त धनराशि प्रदान करने का ऐलान किया गया है। सरकार ने अनपूरक बजट के सहारे अपने सामाजिक सरोकारोें को भी साधने का काम किया है अब यह आगामी चुनावों मेें कितना असर करेगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। 

बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने चार विभागों में कार्यरत करीब 12 लाख से अधिक कार्मिकों का मानदेय बढाने की भी घोषणा की है। एक प्रकार से सरकार ने हर वर्ग को खुश करने का लगातार इंतजाम कर रही है। भाजपा सरकार व संगठन ने अपने कामों के बल पर ही जनता का विश्वास जीतने के लिये प्रदेश के छह शहरों से जनविश्वास यात्राएं शुरू की है और इन जनसभाओे में भारी भीड़ की उपस्थिति रहने से संगठन में एक नयी स्फूर्ति आ गयी है। कार्यकर्ताओं में अब जोश दिखलायी पड़ रहा है। एक ओर जहां विपक्ष भाजपा सरकार को घेरने के लिए चक्रव्यूह रच रहा है वहीं बीजेपी ने भी ऐसा व्यूह रच दिया है जिसे पार पाना विपक्ष के लिए अब आसान नहीं रह गया है। 

भाजपा की ओर से शुरू की गयी जन विश्वास यात्राओं में भापजा नेताओं ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और सरकार की योजनाआंे को बताते हुए विकास गाथा भी बतायी। अंबेडकरनगर जिले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नडडा ने समाजवाद पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी भ्रष्टाचार अन्याय अत्याचार औार दुराचार का पर्याय है। उन्होेंने कहाकि यह नई सपा नहीं है, यह वहीं सपा है इसे हमंे समझना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने झंासी, केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बिजनौर मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बलिया और केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गाजीपुर में जनविश्वास यात्रा को हरी झंडी दिखाई और और जनसभाओें को संबोधित करते हुए विपक्ष पर बहुत ही जोरदार हमले बोले। जनसभाओं मे भारी भीड़ दिखलायी पड़ी। 

भाजपा अध्यक्ष जेपी नडडा ने कहाकि हम समर्पित भाव से लोागांे की सेवा करते हैं। सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास ये सिर्फ भाजपा के नतृत्व में ही संभव है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से सिर उठाकर देख लो हर पार्टी भाई भतीजावाद, जातिवाद, वंशवाद, परिवारवाद से ग्रसित हो चुकी है। अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहाकि 15 आतंकियों के खिलाफ मुकदमें वापस लेने का काम किया। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहाकि विपक्ष को घर पर आराम दो और योगी को काम दो।  

जनसभाओं में भापजा नेताओं ने समाजवादी पार्टी के अत्याचारों, घोटालोें पर हमला बोलते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ अयोध्याष् मथुरा और काशी नगरी के विकास कार्यो का उल्लेख किया। साथ ही जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक करने जैसे मुददे भी खूब जोरशोर से उठाये जा रहे हैं। भाजपा की जनविश्वास यात्राओं का एजेंडा साफ है। विकास के साथ सबसे बड़ा विश्वास हिदंुत्व पर है। भाजपा सभी विधानसभाओं के चार करोड़ लाूगों के बीच अपना एजेंडा स्पष्ट रूप से रखने जा रही है। साथ ही भाजपा को अपने विभिन्न योजनाआंेे के लाभार्थियोें से भी पूरी उम्मीद है। भाजपा नेताओं ने सपा सरकार में हुए अयोध्या में गोली कांड, मुजफ्फरनगर के दंगांे, मथुरा के बहुचर्चित जवाहरबाग कांड को भी जोर शोर से उठा रही है। पश्चिमी उप्र में पलायन के मुददों को फिर से धार दी जा रही है। भाजपा ने अपना चुनावी टोन सेट कर दिया है और अब यही सिलसिला आचार संहिता लगने तक चलता रहेगा। 

( उपर्युक्त आलेख लेखक के निजी विचार हैं। आवश्यक नहीं है कि इन विचारों से आईपीएन भी सहमत हो। )


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